शुक्र प्रणाम
प्रणाम करो, प्रणाम करो - प्रणाम करो, प्रणाम करो....
जिसने फूंके प्रकृति में प्राण – शुक्राचार्य है जिनका नाम;
करो सभी मिल उन्हें प्रणाम – करो सभी मिल उन्हें प्रणाम ..
मन का किया जिसने निर्माण – टन को दिया सुन्दर आयाम;
करो सभी तुम उन्हें प्रणाम – सुनो उन्हें लगाकर ध्यान.....
प्रणाम प्रणाम प्रणाम प्रणाम – प्रणाम प्रणाम प्रणाम प्रणाम....
जिसने पूजा शुक्राचार्य को – काबू पाया उसने मन को;
दिमाग नहीं फिर फैलाता रायता – जग भाती मुराद प्राणी पाता;
प्रणाम करो, प्रणाम करो - प्रणाम करो, प्रणाम करो....
शुक्राचार्य को करो प्रणाम – सुखी रहो, हो परिवार कल्याण ....
प्रणाम प्रणाम प्रणाम प्रणाम – प्रणाम प्रणाम प्रणाम प्रणाम....
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